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Zindagi Ki Kitab

295.00

यह किताब ज़िंदगी के बिखरे हुए पन्नों का संकलन है। यहाँ हर कविता कभी दर्द की स्याही से लिखी गई है, तो कभी ख़ामोश रहकर बहुत कुछ कह जाती है। यदि आपने अपने भीतर के शोर को सुना है, तो ये पन्ने आपसे संवाद करेंगे।

ये कविताएँ न प्रश्न रचती हैं, न उत्तर खोजती हैं; वे जीवन को पूरी सादगी और पीड़ा के साथ स्वीकार करती हैं। यह किताब मन और मौन के बीच की दूरी को शब्दों में ढालने की एक छोटी-सी कोशिश है।

हर कविता ज़िंदगी की उस सच्चाई से जन्मी है, जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। अगर आप कविता में स्वयं को ढूँढते हैं, तो शायद यह संग्रह आपके मन की आवाज़ है।

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