Zindagi Ki Kitab
₹295.00
यह किताब ज़िंदगी के बिखरे हुए पन्नों का संकलन है। यहाँ हर कविता कभी दर्द की स्याही से लिखी गई है, तो कभी ख़ामोश रहकर बहुत कुछ कह जाती है। यदि आपने अपने भीतर के शोर को सुना है, तो ये पन्ने आपसे संवाद करेंगे।
ये कविताएँ न प्रश्न रचती हैं, न उत्तर खोजती हैं; वे जीवन को पूरी सादगी और पीड़ा के साथ स्वीकार करती हैं। यह किताब मन और मौन के बीच की दूरी को शब्दों में ढालने की एक छोटी-सी कोशिश है।
हर कविता ज़िंदगी की उस सच्चाई से जन्मी है, जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। अगर आप कविता में स्वयं को ढूँढते हैं, तो शायद यह संग्रह आपके मन की आवाज़ है।
Book informations
ISBN 13
978-93-5816-530-2
Year
2026
Number of pages
66
Edition
2026
Binding
Hardcover
Language
Hiindi




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