Osho Ki Prerak Kahanian
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“ओशो की प्रेरक कहानियाँ” जीवन के गहरे सच और आत्मबोध की ओर ले जाने वाली अनमोल कहानियों का संग्रह है। इन कहानियों में ओशो सरल ढंग से समझाते हैं कि जीवन की यात्रा में साधन (जैसे नाव) केवल माध्यम होते हैं, मंज़िल नहीं। अत्यधिक महत्वाकांक्षाएँ हमें बेचैन कर देती हैं, जबकि संतोष और सजगता हमें शांति की ओर ले जाती है। वे बताते हैं कि बच्चों पर कठोर अनुशासन थोपना उनकी मौलिकता को नष्ट कर देता है, इसलिए प्रेम और समझ से उनका मार्गदर्शन करना ज़रूरी है। “राम राम जपो” जैसी कथा यह सिखाती है कि केवल शब्दों का जप नहीं, बल्कि उसके पीछे की सजगता ही असली साधना है। अंदर के खालीपन को लोग नशे से भरने की कोशिश करते हैं, परंतु सच्चा समाधान ध्यान है, जो आत्मा को गहराई से संतुष्ट करता है।
इन कहानियों के माध्यम से ओशो यह भी स्पष्ट करते हैं कि जीवन में मौलिक होना ज़रूरी है—नकल हमें खोखला बना देती है। वे जीवन की अस्थायीता और मृत्यु की सच्चाई को स्वीकारने का महत्व समझाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी भरना नहीं बल्कि चेतना और रचनात्मकता को जगाना है। “बग़ावत के फूल” में वे कहते हैं कि असली बग़ावत समाज के खिलाफ नहीं बल्कि अपने भीतर की अज्ञानता और झूठ के खिलाफ होती है। अंततः “मैं कौन हूँ” जैसी कहानी हमें आत्म-खोज की ओर प्रेरित करती है और बताती है कि जीवन का सबसे बड़ा प्रश्न अपने वास्तविक अस्तित्व को पहचानना है।
यह संग्रह न केवल प्रेरणा देता है बल्कि हर पाठक को अपने भीतर झाँकने और जीवन की गहराईयों को समझने का अवसर भी प्रदान करता है।
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